Gas Cylinder Booking : हर साल अप्रैल का महीना आते ही कई ऐसे बदलाव होते हैं जो सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। खासतौर पर एलपीजी गैस सिलेंडर से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए हैं, जो हर घर के लिए बेहद जरूरी हैं। गैस की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ नए नियम लागू किए हैं। अगर आप भी घर में गैस सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं, तो ये जानकारी आपके लिए बहुत काम की है।
हर घर से जुड़ा है गैस सिलेंडर का इस्तेमाल
आज के समय में शायद ही कोई ऐसा घर हो जहां गैस सिलेंडर का इस्तेमाल न होता हो। खाना बनाने से लेकर छोटे-मोटे कामों तक, एलपीजी गैस हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में अगर इससे जुड़े नियम बदलते हैं, तो उसका असर सीधे आम आदमी पर पड़ता है। कई बार लोगों को इन नए नियमों की जानकारी नहीं होती, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है।
कीमतों में हुआ बदलाव, किसे मिला झटका और किसे राहत
1 अप्रैल से गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला है। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह लगभग 913 रुपये में मिल रहा है।
लेकिन अगर आप होटल या किसी व्यवसाय से जुड़े हैं, तो आपको झटका लग सकता है। 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में करीब 195 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी कीमत 2,078 रुपये के आसपास पहुंच गई है। इसके अलावा छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में भी करीब 50 रुपये का इजाफा हुआ है, जो अब लगभग 700 रुपये तक पहुंच गया है। साफ है कि इसका सीधा असर छोटे कारोबारियों और सिंगल रहने वाले लोगों पर पड़ेगा।
बुकिंग के नियम हुए सख्त, अब करना होगा ज्यादा इंतजार
सबसे बड़ा बदलाव गैस सिलेंडर की बुकिंग से जुड़े नियमों में किया गया है। पहले जहां एक सिलेंडर बुक करने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए 21 दिन का इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यह अवधि बढ़ा दी गई है।
अब शहरों में रहने वाले लोगों को दो बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह अवधि और ज्यादा है, जहां लोगों को 45 दिन तक इंतजार करना पड़ेगा। यह नियम खासतौर पर 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर पर लागू किया गया है।
सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जा सके और हर जरूरतमंद तक गैस की सप्लाई सही तरीके से पहुंच सके।
क्यों जरूरी थे ये नए नियम?
दरअसल, पिछले कुछ समय से गैस सिलेंडर की मांग काफी तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव जारी है। इन दोनों चीजों का सीधा असर एलपीजी गैस पर पड़ता है।
कई जगहों पर यह भी देखने को मिला कि लोग ज्यादा सिलेंडर जमा करके रखते थे, जिससे दूसरों को समय पर गैस नहीं मिल पाती थी। ऐसे में सरकार ने सख्ती दिखाते हुए नए नियम लागू किए हैं, ताकि सिस्टम को बेहतर बनाया जा सके।
आम आदमी और छोटे कारोबारियों पर क्या होगा असर?
इन नए नियमों का असर हर वर्ग पर पड़ेगा। आम घरों में जहां लोगों को अब गैस बुक करने के लिए ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा, वहीं छोटे होटल, ढाबे और दुकानदारों के खर्च में भी इजाफा होगा।
हालांकि, घरेलू सिलेंडर की कीमत स्थिर रहने से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ी कीमतें कारोबारियों की जेब पर भारी पड़ सकती हैं। इससे खाने-पीने की चीजों की कीमतों में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। गैस सिलेंडर की कीमतें और नियम समय-समय पर बदल सकते हैं और यह अलग-अलग राज्यों या शहरों में भिन्न हो सकते हैं। किसी भी निर्णय से पहले संबंधित गैस एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से जानकारी जरूर प्राप्त करें।








